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चाहे आपकी डिलिवरी कितनी à¤à¥€ दरà¥à¤¦ रहित कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚ न रही हो डिलिवरी के बाद शरीर में कहीं न कहीं दरà¥à¤¦ रहता ही है। इसीलिठपà¥à¤°à¤¸à¤µ के कम से कम छह हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ बाद का समय रिकवरी पीरियड माना जाता है। देखा गया है कि इसके बाद à¤à¥€ शरीर में कई जगह दरà¥à¤¦ रहता है, जैसे टांकों में, जोड़ों में, पेट में, टेल बोन में और मांसपेशियों में।
री शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ मंजिल (पेलà¥à¤µà¤¿à¤• फà¥à¤²à¥‹à¤°) इतनी महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ है?
आपकी शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ मंजिल (पेलà¥à¤µà¤¿à¤• फà¥à¤²à¥‹à¤°) मांसपेशियों, असà¥à¤¥à¤¿à¤¬à¤‚धों (लिगामेंटà¥à¤¸) और ऊतà¥à¤¤à¤•ों का जाल होता है, जो आपकी शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के आर-पार फैला होता है। यह आपके शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ अंगों को सहारा देने का महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कारà¥à¤¯ करता है। इन अंगों में शामिल हैं:
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯
योनि
मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯
मलाशय
पेलà¥à¤µà¤¿à¤• फà¥à¤²à¥‹à¤° में मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤—, योनि और गà¥à¤¦à¤¾ के लिठखाली जगह (गैप) होती है:
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ और शिशॠके जनà¥à¤® के दौरान शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ मंजिल की मांसपेशियों में आवशà¥à¤¯à¤•ता से अधिक खिंचाव होता है। शिशॠका वजन, उतà¥à¤¤à¤•ों को ढीला करने वाले हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ और पà¥à¤°à¤¸à¤µ के पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸, ये सà¤à¥€ मिलकर शरीर के इस हिसà¥à¤¸à¥‡ पर दबाव डालते हैं।
जब आपकी शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ मंजिल कमजोर या कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ होती है, तो पेशाब का रिसाव (मूतà¥à¤° असयंमितता), गैस निकलना और कà¤à¥€-कà¤à¤¾à¤° मल निकल जाना à¤à¥€ संà¤à¤µ है।
रोजाना पेलà¥à¤µà¤¿à¤• फà¥à¤²à¥‹à¤° के वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® शिशॠके जनà¥à¤® के बाद मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ और मलाशय पर नियंतà¥à¤°à¤£ पाने में मदद करते हैं।
अचà¥à¤›à¥€ तरह टोनà¥à¤¡ यानि मजबूत शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ मंजिल होने से योनि में अहसास या अनà¥à¤à¥‚ति बढ़ती है, जिससे संà¤à¥‹à¤— (सेकà¥à¤¸) और चरमोतà¥à¤•रà¥à¤· अधिक संतोषजनक होता है।
यदि आपकी शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ मंजिल बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कमजोर है, शायद बहà¥à¤¤ बार गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने की वजह से, तो आपके पेलà¥à¤µà¤¿à¤• अंग खिसक कर आपकी शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ में आ सकते हैं। इसे पेलà¥à¤µà¤¿à¤• आॅरà¥à¤—न पà¥à¤°à¥‹à¤²à¥‡à¤ªà¥à¤¸ कहा जाता है।
पà¥à¤°à¥‹à¤²à¥‡à¤ªà¥à¤¸ से योनि में à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ या टांगों के बीच कà¥à¤› उà¤à¤¾à¤° सा महसूस हो सकता है। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯, मलाशय और मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ शिथिल होकर योनि की दीवारों के खिलाफ खà¥à¤¦ को धकेलने लगते हैं।
उमà¥à¤° बढ़ने के साथ-साथ शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ मंजिल की ताकत à¤à¥€ कम होने लगती है, इसलिठआपको शिशॠके जनà¥à¤® के तà¥à¤°à¤‚त बाद की बजाय आगे चलकर जीवन में ये समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं। à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में खà¥à¤¦ को पà¥à¤°à¥‹à¤²à¥‡à¤ªà¥à¤¸ से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रखने के लिठबेहतर है कि रोजाना शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ मंजिल वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® (कीगल à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ) किठजाà¤à¤‚।
शिशॠके जनà¥à¤® के बाद यदि आपको पà¥à¤°à¥‹à¤²à¥‡à¤ªà¥à¤¸ के लकà¥à¤·à¤£ महसूस हों तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° को दिखाà¤à¤‚। डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको किसी विशेषजà¥à¤ž डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मिलने की सलाह दे सकती हैं, जो आपके पेलà¥à¤µà¤¿à¤• फà¥à¤²à¥‹à¤° को फिर से मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं।
शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ मंजिल वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® (कीगलà¥à¤¸) मैं दोबारा कब शà¥à¤°à¥ कर सकती हूं?
शिशॠके जनà¥à¤® के बाद आप जब à¤à¥€ सहज महसूस करने लगें, तब से शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ मंजिल वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® (कीगलà¥à¤¸) शà¥à¤°à¥ कर सकती हैं। हो सकता है इस समय आप वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® के बारे में सोच à¤à¥€ न रही हों, मगर इनसे आपको वाकई में फायदा मिलेगा।
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि छींकते या खांसते समय हर बार आप सà¥à¤µà¤¤: ही अपने पेलà¥à¤µà¤¿à¤• फà¥à¤²à¥‹à¤° का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करती हैं। इसलिठजितना जलà¥à¤¦à¥€ हो सके इन वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®à¥‹à¤‚ को शà¥à¤°à¥ करना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है।
हो सकता है शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में आपको शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ मंजिल महसूस न हो, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि शिशॠको बाहर लाने के लिठजोर लगाने की वजह से उस कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° की नसों में खिंचाव आता है। चाहे आपको कोई अनà¥à¤à¥‚ति न हो रही हो, मगर फिर à¤à¥€ आपको इससे कà¥à¤› न कà¥à¤› तो फायदा होगा ही।
वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® निमà¥à¤¨ तरीकों से फायदेमंद हो सकता है:
मूतà¥à¤° असंयमितता से बचाव और उपचार
मूलाधार (पेरीनियम) में रकà¥à¤¤ संचार में सà¥à¤§à¤¾à¤° होता है। यदि आपको कोई सूजन व असहजता हो तो रकà¥à¤¤ संचार बढ़ने से इससे राहत में मदद मिलती है।
पेलà¥à¤µà¤¿à¤• फà¥à¤²à¥‹à¤° को फिर से ताकत देता है।
यदि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान या फिर शिशॠके जनà¥à¤® के बाद आपको शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ मांसपेशियां वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करने की आदत न पड़े तो आप अब à¤à¥€ इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ करना शà¥à¤°à¥ कर सकती हैं। यदि आप आज शà¥à¤°à¥ करें, तो à¤à¥€ आपको वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® के फायदे मिल सकते हैं।
मà¥à¤à¥‡ पेलà¥à¤µà¤¿à¤• फà¥à¤²à¥‹à¤° वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® किस तरह करने चाहिà¤?
जब आप पीठके बल या करवट लेकर लेटी हों, तब आप पेलà¥à¤µà¤¿à¤• फà¥à¤²à¥‹à¤° वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® कर सकती हैं। या फिर हो सकता है शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में कà¥à¤› अनà¥à¤¯ महिलाओं की तरह आपको à¤à¥€ ये वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® बाथटब में आरामदेह तरीके से करना जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आसान लगे।
सांस अंदर लें और इसे बाहर छोड़ते वकà¥à¤¤ हलà¥à¤•े से अपनी पेलà¥à¤µà¤¿à¤• फà¥à¤²à¥‹à¤° मांसपेशियों को à¤à¥€à¤‚चें। कोशिश करें कि आप अपने पेट की मांसपेशियों को न खींचें। आप अपना धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ केवल पेलà¥à¤µà¤¿à¤• फà¥à¤²à¥‹à¤° मांसपेशियों को ऊपर और अंदर की तरफ करने पर लगाà¤à¤‚, जैसे आप मूतà¥à¤° या मल को रोकने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ कर रही हों।
शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में मांसपेशियों को चार या पांच सैकंड तक à¤à¥€à¤‚च कर रखें और आप सामानà¥à¤¯ ढंग से सांस à¤à¥€ लेती रहें।
यदि आप अपने पेट के ऊपरी हिसà¥à¤¸à¥‡ (नाà¤à¤¿ से ऊपर) या अपने नितंबों को à¤à¥€ à¤à¥€à¤‚च रही हैं, तो इसका मतलब है कि आप बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जोर लगा रही हैं।
जब आपको इसका अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ हो जाà¤, तो आठसे 10 सैकंड तक पेलà¥à¤µà¤¿à¤• फà¥à¤²à¥‹à¤° मांसपेशियों को सिकोड़ कर रखने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें और सामानà¥à¤¯ ढंग से सांस à¤à¥€ लेती रहें।
यदि बीच में आपका सांस पर नियंतà¥à¤°à¤£ न रह पाठतो रà¥à¤• कर फिर दोबारा शà¥à¤°à¥ करें। जब आप 10 सैकंड तक मांसपेशियों को सिकोड़ कर रख पाने में सफल हो जाà¤à¤‚, तो लगातार à¤à¤•साथ पांच बार à¤à¤¸à¤¾ करने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें। मांसपेशियों को जलà¥à¤¦à¥€-जलà¥à¤¦à¥€ à¤à¥€à¤‚चने से आपको खांसते, छींकते, हंसते या सामान उठाते समय मांसपेशियों को तानने में मदद मिलेगी।
हर पेलà¥à¤µà¤¿à¤• फà¥à¤²à¥‹à¤° सà¥à¤•à¥à¤µà¥€à¤œ वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® के अंत में आपको à¤à¤¸à¤¾ महसूस होना चाहिठकि आपकी मांसपेशियां ढीली हो रही हैं। यदि आपको à¤à¤¸à¤¾ अहसास नहीं हो रहा तो हो सकता है आप वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® के अंत से पहले ही मांसपेशियों का सिकोड़ना छोड़ देती हैं। यदि à¤à¤¸à¤¾ है, तो कम समय के लिठवà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करें जब तक आपको मांसपेशियों का ढीला होना महसूस न हो। इसके बाद दोबारा शà¥à¤°à¥ करें।
धीरे-धीरे 10 सैकंड में 10 बार मांसपेशियों को à¤à¥€à¤‚चने का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करें और इसके बाद à¤à¤¸à¤¾ दिन में तीन बार करें। जितना हो सके उतना जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मांसपेशियों को कसें, मगर सांस à¤à¤•दम सामानà¥à¤¯ ढंग से लेती रहें।
शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ कà¥à¤› दिनों में वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करते समय आपको शायद जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कà¥à¤› या फिर कà¥à¤› à¤à¥€ महसूस न हो। मगर धीरे-धीरे आपकी मेहनत रंग लाà¤à¤—ी। मांसपेशियों को मजबूत होने में छह से 12 हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ का समय लग सकता है, इसलिठआप पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ जारी रखें।
कà¥à¤¯à¤¾ सीजेरियन आॅपरेशन के बाद à¤à¥€ मà¥à¤à¥‡ ये वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करने की जरà¥à¤°à¤¤ है?
हां। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की वजह से आपकी शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ मंजिल पर बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दबाव पड़ता है, फिर चाहे आपने किसी à¤à¥€ तरीके से जनà¥à¤® दिया हो।
आपको शायद नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी के जरिये जनà¥à¤® देने वाली माठकी तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में इन वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®à¥‹à¤‚ को करना जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आसान लगेगा। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि आपकी शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ मंजिल पीड़ादायक या सà¥à¤¨à¥à¤¨ महसूस नहीं हो रही होगीं और मांसपेशियां à¤à¥€ मजबूत होंगी। यदि पà¥à¤°à¤¸à¤µ और शिशॠके जनà¥à¤® में आपको जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय न लगा हो, तो आपकी नसों पर à¤à¥€ इसका जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ असर नहीं हà¥à¤† होगा।
पेशाब निकालने की नलिका (कैथेटर) डॉकà¥à¤Ÿà¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ हटा दिठजाने के बाद ही पेलà¥à¤µà¤¿à¤• फà¥à¤²à¥‹à¤° वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® शà¥à¤°à¥ करें।
अति-सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ पेलà¥à¤µà¤¿à¤• फà¥à¤²à¥‹à¤° कà¥à¤¯à¤¾ है?
अति-सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ पेलà¥à¤µà¤¿à¤• फà¥à¤²à¥‹à¤° तब होता है जब आप लगातार शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ मंजिल की मांसपेशियों को सिकोड़ती रहती हैं और आपको इसका अहसास à¤à¥€ नहीं होता। à¤à¤¸à¤¾ दरà¥à¤¦ की चिंता या ऊतà¥à¤¤à¤•ों को कà¥à¤·à¤¤à¤¿ पहà¥à¤‚चने के डर से हो सकता है। पेरिनियम की तà¥à¤µà¤šà¤¾ फटने, टांके लगने, à¤à¤ªà¤¿à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤®à¥€ या पेलà¥à¤µà¤¿à¤• गरà¥à¤¡à¤² दरà¥à¤¦ की वजह से शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ मंजिल की मांसपेशियां अतà¥à¤¯à¤¾à¤§à¤¿à¤• तनी हà¥à¤ˆ हो सकती हैं।
यदि आपको शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ तक दरà¥à¤¦ हो, तो आप इस दरà¥à¤¦ की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में अपनी मांसपेशियों को à¤à¥€à¤‚च सकती हैं। यदि आप मांसपेशियों को बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कसकर लंबे समय तक रखें तो इससे बहà¥à¤¤ सी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं, ​जो फिर बेहतर नहीं होती, जैसे कि:
मलतà¥à¤¯à¤¾à¤— करने में दरà¥à¤¦
संà¤à¥‹à¤— (सेकà¥à¤¸) के दौरान दरà¥à¤¦
टैमà¥à¤ªà¤¨ लगाते समय दरà¥à¤¦
इससे पेशाब के रिसाव (सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ इनà¥à¤•ॉनà¥à¤Ÿà¤¿à¤¨à¥‡à¤‚स) का खतरा बढ़ जाता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि आपका पेलà¥à¤µà¤¿à¤• फà¥à¤²à¥‹à¤° उस तरीके से काम नहीं कर रहा होता, जैसे उसे करना चाहिà¤à¥¤
आप शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ मांसपेशियों के विशà¥à¤°à¤¾à¤® वाले वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करके इससे बचाव कर सकती हैं। मांसपेशियों को à¤à¥€à¤‚चने के बाद सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि आप इसे पूरी तरह से खà¥à¤²à¤¾ छोड़ दें। दोबारा नया संकà¥à¤šà¤¨ शà¥à¤°à¥ करने से पहले 10 सैकंड तक आराम करें।
वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® जलà¥à¤¦à¤¬à¤¾à¤œà¥€ में न करें और धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि आप सामानà¥à¤¯ तरीके से सांस लेती रहें।
शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ मांसपेशियों के लिठमà¥à¤à¥‡ कब मदद चाहिठहोगी?
अगर पà¥à¤°à¤¸à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° जांच के बाद à¤à¥€ आपके साथ नीचे दी गई कोई à¤à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ हो, तो अपनी डॉकà¥à¤Ÿà¤° को दिखाà¤à¤‚, जैसे कि:
मांसपेशियों को आप उतनी अचà¥à¤›à¥€ तरह सिकोड़ या महसूस नहीं पाती हैं।
अà¤à¥€ à¤à¥€ आपको मूतà¥à¤° असंयमितता है
आपको अà¤à¥€ à¤à¥€ पेरिनियम कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में दरà¥à¤¦ है
योनि में à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ महसूस होता है
मलतà¥à¤¯à¤¾à¤— करने में समसà¥à¤¯à¤¾ है
शरीर पर पà¥à¤°à¤¸à¤µ के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ को लेकर चिंता या उदासी महसूस होना
अगर जरà¥à¤°à¤¤ हà¥à¤ˆ तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको विशेषजà¥à¤ž डॉकà¥à¤Ÿà¤° जैसे कि यूरोगाइनोकोलॉजिसà¥à¤Ÿ के पास à¤à¥‡à¤œ सकती हैं। वे आपके पेलà¥à¤µà¤¿à¤• फà¥à¤²à¥‹à¤° की जांच करेंगी। यदि आपको à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करने के लिठकहा गया है तो फिजियोथेरेपिसà¥à¤Ÿ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ करने का सही तरीका आपको बताà¤à¤‚गे।
निमà¥à¤¨à¤¾à¤‚कित सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में à¤à¥€ आपको विशेषजà¥à¤ž की सलाह लेने के लिठकहा जा सकता है:
आपका पà¥à¤°à¤¸à¤µ पà¥à¤°à¤¸à¥‚ती चिमटी (फॉरसेपà¥à¤¸) की सहायता से हà¥à¤† है
आपका पेरिनियम बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फट गया है
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के पहले à¤à¥€ या फिर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान à¤à¥€ आपका पेशाब निकल जाने की समसà¥à¤¯à¤¾
à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में आपको दीरà¥à¤˜à¤•ालीन समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ जैसे कि मूतà¥à¤° असंयमितता या पà¥à¤°à¥‹à¤²à¥‡à¤ªà¥à¤¸ विकसित होने का काफी खतरा हो सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में जलà¥à¤¦à¥€ विशेषजà¥à¤ž सलाह लेने से इन समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से बचा जा सकता है।
जिन महिलाओं का मà¥à¤¶à¥à¤•िल असिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤¡ पà¥à¤°à¤¸à¤µ रहा हो या फिर पेरिनियम कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फट गया हो, तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कà¤à¥€-कà¤à¤¾à¤° मल असंयमितता (मल नियंतà¥à¤°à¤£ कर पाने में परेशानी) हो सकती है। यदि à¤à¤¸à¤¾ हो, तो इसके लिठउपचार और उसके बाद देखà¤à¤¾à¤² करनी होगी। अगर असंयमितता उपचार के बाद à¤à¥€ बेहतर न हो तो हमेशा डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें। चà¥à¤ªà¤šà¤¾à¤ª परेशान होने से बेहतर है कि समसà¥à¤¯à¤¾ का सामधान किया जाà¤à¥¤
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